साप्ताहिक समीक्षा- चीनी
22-Mar-2025 07:46 PM
सामान्य कारोबार के साथ चीनी का बाजार काफी हद तक शांत
नई दिल्ली। होली का त्यौहार समाप्त होने के बाद कुछ दिनों के लिए चीनी के बाजार में कारोबार सुस्त पड़ गया लेकिन कीमतों में कई कारणों से गिरावट आने का बजाए स्थिरता देखी गई। गर्मी का मौसम आ गया है जिससे कोल्ड ड्रिंक्स एवं आइसक्रीम निर्माण उद्योग में चीनी की मांग एवं खपत बढ़ने लगी है। चीनी के घरेलू उत्पादन में 50-60 लाख टन की जोरदार गिरावट आने की संभावना है। 10 लाख टन चीनी के निर्यात की प्रक्रिया अभी जारी है जबकि महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में चीनी के उत्पादन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।
मिल डिलीवरी भाव
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 15-21 मार्च वाले सप्ताह के दौरान चीनी का मिल डिलीवरी भाव पूर्वी उत्तर प्रदेश में 90 रुपए उछलकर 3970/4190 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। पंजाब तथा मध्य प्रदेश में भी इसमें 10-20 रुपए का सुधार आया मगर बिहार में 11 रुपए की नरमी रही। इतना ही नरमी गुजरात में भी देखी गई। व्यापारी एवं मिलर्स- इसे बाजार की सामान्य चाल मान रहे हैं।
हाजिर भाव
चीनी का हाजिर बाजार मूल्य इस सप्ताह काफी हद तक स्थिर बना रहा। दिल्ली में यह 4300/4400 रुपए प्रति क्विंटल के पूर्व स्तर पर बरकरार रहा जबकि मध्य प्रदेश के इंदौर में 10 रूपए फिसलकर 4170/4270 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। चीनी का नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य भी 3880/4080 रुपए प्रति क्विंटल के पुराने स्तर पर स्थिर बना रहा। कोलकाता में कुछ कारोबार होने से चीनी के हाजिर मूल्य में 40 से 60 रुपए प्रति क्विंटल तक का इजाफा देखा गया।
टेंडर
चीनी का टेंडर मूल्य महाराष्ट्र तथा कर्नाटक में कुछ नरम रहा जबकि आगे इसमें सुधार आने के आसार हैं। गुड़ का उत्पादन सीजन अंतिम पहुंच गया है। चीनी मिलों को गन्ना की सीमित आपूर्ति हो रही है और उसके जल्दी बंद होने की संभावना है। इस्मा ने 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में चीनी का घरेलू उत्पादन घटकर 264 लाख टन पर अटक जाने का अनुमान लगाया है।
