साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं

25-Oct-2025 05:56 PM

नगण्य कारोबार के बीच गेहूं का भाव रहा स्थिर  

नई दिल्ली। फ्लोर मिलर्स- प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों- स्टॉकिस्टों के अवकाश के मूड में होने के कारण 18-24 अक्टूबर वाले सप्ताह के दौरान गेहूं का बाजार शांत रहा। 
कारोबार 
नगण्य कारोबार के बीच लगभग सभी प्रमुख मंडियों में गेहूं का भाव पुराने स्तर पर ही मौजूद रहा। केवल दिल्ली में यह 5 रुपए सुधरकर 2810/2830 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा। 
गुजरात / महाराष्ट्र 
गुजरात के राजकोट, मध्य प्रदेश के इंदौर-उज्जैन, राजस्थान के कोटा-बूंदी तथा उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर-गोरखपुर जैसे बड़े-बड़े मार्केट में गेहूं की कीमतों में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। महाराष्ट्र की जालना मंडी भी शांत रही। मंडियों में गेहूं की सीमित आवक हुई और खरीफ बिक्री की गति धीमी रही।
मध्य प्रदेश  
मध्य-प्रदेश सरकार ने वर्षा 2026 के रबी मार्केटिंग सीजन में किसानों से 2700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदने की घोषणा की है जिससे वहां किसानों को इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का बिजाई क्षेत्र एवं उत्पादन बढ़ाने का प्रोत्साहन मिल सकता है। 
एमएसपी  
वैसे भी केन्द्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2024-25 के 2425 रुपए प्रति क्विंटल से 160 रुपए बढ़ाकर 2025-26 सीजन के लिए 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित कर दिया है जिससे इसकी खेती के प्रति किसानों का उत्साह एवं आकर्षण बरकरार रह सकता है मौसम की हालत अनुकूल है और खेतों की मिटटी में नमी का पर्याप्त अंश मौजूद है जिससे किसानों को बिजाई में कोई दिक्कत नहीं होगी। 
पानी की उपलब्धता 
बांधों-जलाशयों में पानी का भरपूर भंडार उपलब्ध है जो आगे फसलों की सिंचाई में काम आएगा। लेकिन राजस्थान सहित कुछ अन्य राज्यों में गेहूं को सरसों एवं चना की सख्त प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। 
बिजाई 
गेहूं की बिजाई का सीजन आरंभ हो चुका है। सरकार के पास इसका पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और घरेलू बाजार भाव नरम रहने से उसे खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत अपने स्टॉक से गेहूं बेचने की आवश्यकता महसूस नहीं हो रही है। गेहूं पर सख्त भंडारण सीमा का आदेश भी लागू है जिससे बाजार पर दबाव देखा जा रहा है।