साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं
04-Apr-2026 06:46 PM
नए माल की आवक शुरू- कीमतों में मिश्रित रुख
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात एवं महाराष्ट्र जैसे राज्यों में नए गेहूं की आवक मार्च में ही आरंभ हो गई थी जबकि अब पंजाब, हरियाणा एवं बिहार जैसे प्रांतों में इसकी आपूर्ति होने लगी है। इसके साथ-साथ सरकारी खरीद की रफ्तार बढ़ने की संभावना है।
दिल्ली
गेहूं का उत्पादन पिछले साल से अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है। मंडियों में इसकी कीमतों पर दबाव बना हुआ है। 28 मार्च से 3 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली में गेहूं की अच्छी आवक एवं कमजोर मांग के कारण भाव 60 रुपए घटकर 2520/2560 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। दिल्ली में रोजाना 7 से 10 हजार बोरी के बीच गेहूं आ रहा है जबकि इसकी खरीदारी कम हो रही है।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की कई मंडियों में गेहूं की आवक अभी शुरू नहीं हुई है और जहां आपूर्ति हो रही है वहां कीमतों में गिरावट का माहौल बना हुआ है। ध्यान देने की बात है कि राज्य की मंडियों में गेहूं का दाम पहले ही घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) यानी 2585 रुपए प्रति क्विंटल से काफी नीचे आ चुका है मगर फिर भी इसमें नरमी का सिलसिला खत्म नहीं हुआ है।
भाव
3 अप्रैल को गेहूं का भाव गोरखपुर में 2280 रुपए, शाहजहांपुर में 2245/2270 रुपए, हरदोई में 2125/2225 रुपए तथा मैनपुर में 2233 रुपए प्रति क्विंटल रहा। महाराष्ट्र की जालना मंडी में यह 2100/2400 रुपए प्रति क्विंटल, राजस्थान की कोटा मंडी में 2250/2600 रुपए, बारां मंडी में 2270/2650 रुपए तथा बूंदी मंडी में 2200/2400 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया।
आवक
गेहूं की दैनिक आवक बढ़ते हुए बूंदी में 40 हजार बोरी, कोटा में एक लाख बोरी तथा बारां में 1.25 लाख बोरी पर पहुंच गई। शाहजहांपुर में 3 अप्रैल को 70,000 बोरी गेहूं पहुंचा जबकि पहले इसकी आवक बंद थी।
