साप्ताहिक समीक्षा- सरसों

22-Mar-2025 07:37 PM

नए माल की जोरदार आवक के बावजूद सरसों के दाम में मिश्रित रुख 

नई दिल्ली। हालांकि राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं हरियाणा जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों में सरसों के नए माल की आपूर्ति तेजी से बढ़ती जा रही है जिससे कुछ मंडियों में कीमतों पर दबाव बढ़ गया है लेकिन जहां मिलर्स एवं व्यापारियों- स्टॉकिस्टों की अच्छी मांग है अथवा कीमत पहले ही घटकर काफी नीचे स्तर पर आ गई थी वहां इसका भाव कुछ सुधर गया। उदाहरणस्वरूप 15 से 21 मार्च वाले सप्ताह के दौरान राजस्थान के बीकानेर में सरसों का दाम 500 रुपए उछलकर 5200/5500 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया लेकिन बूंदी में यह 175 रुपए गिरकर 5200/5700 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। 
42% कंडीशन सरसों  
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडिशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 6000 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा मगर जयपुर में 50 रुपए सुधरकर 6050 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। हरियाणा की मंडियों में थोड़ी नरमी रही जबकि मध्य प्रदेश की ग्वालियर मंडी में भाव 200 रुपए बढ़कर 5700/5800 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। 
भाव 
ज्ञात हो कि केन्द्र सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पिछले साल के 5650 रुपए प्रति क्विंटल से 300 रुपए बढ़ाकर इस बार 5950 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया है जबकि लगभग सभी मंडियों में भाव इससे नीचे चल रहा है।
आवक 
सरसों की औसत दैनिक आवक बढ़ते हुए 13-14 लाख बोरी (50 किलो की प्रत्येक बोरी) पर पहुंच गई है जबकि आगामी दिनों के दौरान इसमें और भी इजाफा होने की संभावना है क्योंकि सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में नई फसल की जोरदार कटाई-तैयारी शुरू हो गई है। 
सरसों तेल 
आलोच्य सप्ताह के दौरान सरसों तेल के दाम में आमतौर पर 10-15 रुपए प्रति 10 किलो का गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में एक्सपेलर का भाव 15 रुपए गिरकर 1275 रुपए प्रति 10 किलो तथा चरखी दादरी में भी 15 रुपए गिरकर 1305 रुपए प्रति 10 किलो रह गया। उधर आगरा में कच्ची घानी सरसों तेल का मूल्य 30 रुपए की गिरावट के साथ 1360 रुपए प्रति किलो पर आ गया। 
सरसों खल (डीओसी)
लेकिन नीचे दाम पर सरसों खल में अच्छा कारोबार हुआ और पशु आहार निर्माताओं की मांग से इसकी कीमतों में 70 से 130 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी दर्ज की गई। सरसों डीओसी में भी फीड मिलर्स एवं निर्यातकों की लिवाली से 1300 रुपए प्रति टन तक का सुधार दर्ज किया गया। सरकारी खरीद आरंभ होने पर सरसों के दाम में कुछ सुधार आने की उम्मीद बन सकती है।