साप्ताहिक समीक्षा- सरसों

31-May-2025 08:47 PM

मिलर्स तथा व्यापारियों की अच्छी खरीद से सरसों का भाव तेज 

नई दिल्ली । थोक मंडियों में आवक सामान्य होने तथा मिलर्स एवं व्यापारियों द्वारा अच्छी लिवाली किए जाने से 24-30 मई वाले सप्ताह के दौरान सरसों के दाम में 100 से 300 रुपए प्रति क्वंटल तक की तेजी देखी गई और लगभग सभी प्रमुख मंडियों में इसका भाव बढ़कर सरकार द्वारा निर्धारित 5950 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर पहुंच गया। इससे सरकारी क्रय केन्द्रों पर सरसों की बहुत कम आवक हो रही है। हाल के दिनों में सरसों तेल का भाव तेज हुआ है और इसकी खली (रेपसीड एक्सट्रैक्शन) में बेहतर कारोबार हो रहा है। 
42% कंडिशन सरसों  
समीक्षाधीन अवधि के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली तथा जयपुर में 75-75 रुपए की बढ़ोतरी के साथ क्रमश: 6575 रुपए प्रति क्विंटल तथा 6700/6725 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। इसी तरह सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों का दाम गुजरात की डीसा मंडी में 75 रुपए, धनेरा में 155 रुपए तथा हरियाणा की बरवाला मंडी में 150 रुपए, हिसार में 300 रुपए तथा सिरसा मंडी में 100 रुपए प्रति क्विंटल तेज हो गया। 
मध्य प्रदेश 
मध्य प्रदेश में भी मुरैना, पोरसा एवं ग्वालियर की मंडियों में सरसों की कीमत 50 से 225 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ गई। उत्तर प्रदेश की हापुड़ मंडी में सरसों का भाव 6650 रुपए प्रति क्विंटल के पिछले स्तर पर बरकरार रहा जबकि आगरा मंडी में 50 रुपए सुधरकर 7050/7300 रुपए प्रति क्विंटल की ऊंचाई पर पहुंच गया। 
राजस्थान 
सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- राजस्थान की मंडियां भी तेज रहीं। बीकानेर में सरसों का दाम 310 रुपए के उछाल के साथ 5700/6290 रुपए प्रति क्विंटल तथा कोटा में 120 रुपए की वृद्धि के साथ 5900/6370 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा / भरतपुर और गंगानगर में भी तेजी देखी गई। 
सरसों तेल 
सरसों की भांति इसके तेल का दाम भी सुधर गया। इसके तहत एक्सपेलर और कच्ची घानी-दोनों श्रेणी के तेल की कीमतों में 10 से 30 रुपए प्रति 10 किलो का सुधार आया। आगरा में कच्ची घानी सरसों तेल का दाम 60 रुपए उछलकर 1450 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। 
आवक 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सरसों की घरेलू आवक 24 मई को 4.25 लाख बोरी, 25 मई को 4.70 लाख बोरी, 27 मई को 4.75 लाख बोरी तथा 28, 29 एवं 30 मई को प्रत्येक दिन 5.25 लाख बोरी सरसों की आवक हुई। 
सरसों खल 
चीन के आयातक सरसों खल (रेपसीड एक्सट्रैक्शन) की खरीद में अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं जिससे इसकी कीमतों में सुधार का माहौल बना हुआ है।