साप्ताहिक-समीक्षा- सोयाबीन

04-Apr-2026 06:54 PM

क्रशिंग मिलों की अच्छी लिवाली से सोयाबीन का भाव तेज 

नई दिल्ली। मार्च में विदेशों से सोया तेल का आयात कम होने तथा रिफाइनर्स द्वारा स्वदेशी तेल की खरीद में अच्छी दिलचस्पी दिखाए जाने से क्रशिंग-प्रोसेसिंग इकाइयों में सोयाबीन की मांग एवं खपत बढ़ गई। इसके फलस्वरूप इस महत्वपूर्ण तिलहन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में 28 मार्च से 3 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों में 200 रुपए प्रति क्विंटल तक का इजाफा हुआ। 
प्लांट डिलीवरी 
तीनों राज्यों में सोयाबीन का प्लांट डिलीवरी भाव फिलहाल सरकारी समर्थन मूल्य (5328 रुपए प्रति क्विंटल से ऊंचा चल रहा है। यदि आगे भी कीमतों में तेजी-मजबूती का सिलसिला जारी रहा तो आगामी खरीफ सीजन में किसानों को सोयाबीन का क्षेत्रफल बढ़ाने का प्रोत्साहन मिल सकता है। बिजाई की प्रक्रिया जून-जुलाई में आरंभ होगी।
सोया तेल  
सोया रिफाइंड तेल के दाम में भी आमतौर पर 3 से 6 रुपए प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई। इससे मिलर्स / रिफाइनर्स को काफी राहत मिली। सोया तेल का भाव कांडला में 15 रुपए सुधरकर 1550 रुपए प्रति 10 किलो, कोटा में 20 रुपए सुधरकर 1570 रुपए, हल्दिया में 35 रुपए बढ़कर 1545/1550 रुपए तथा मुम्बई में 80 रुपए उछलकर 1580 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ऊंचे दाम पर लिवाली कम होने से सोया डीगम एवं हाई सीज में कुछ नरमी रही लेकिन डॉलर में भाव कुछ तेज होकर 1549 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गया। 
सोया डीओसी 
महाराष्ट्र में सोया डीओसी में सामान्य कारोबार के साथ 500-1000 रुपए प्रति टन तक की बढ़ोत्तरी हुई। सोयाबीन की आवक कम हो रही है।