सरसों का उत्पादन 111 लाख टन होने का अनुमान
24-Mar-2025 11:20 AM
आगरा। हालांकि केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2024-25 के वर्तमान रबी सीजन के दौरान सरसों का घरेलू उत्पादन 128.70 लाख टन होने का अनुमान लगाया है लेकिन उद्योग- व्यापार संगठनों ने इसकी कुल पैदावार 111.30 लाख टन पर सिमटने की संभावना व्यक्त की है।
दोनों आंकड़ों में एक समानता यह है कि पिछले सीजन की तुलना में चालू सीजन के दौरान उत्पादन कम होना आंका गया है।
2023-24 सीजन के लिए सरकार द्वारा 132.60 लाख टन सरसों के उत्पादन का अनुमान लगाया गया जिसके मुकाबले 2024-25 का उत्पादन आंकड़ा 3.90 लाख टन छोटा है।
इसी तरह उद्योग-व्यापार संगठनों ने पिछले सीजन में 115 लाख टन (संशोधित आंकड़ा) सरसों के उत्पादन का अनुमान लगाया था जबकि चालू सीजन का आंकड़ा 3.70 लाख टन छोटा है।
उद्योग-व्यापार संगठनों के अनुसार 2023-24 के रबी सीजन के दौरान राजस्थान में 53 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 13 लाख टन, मध्य प्रदेश में भी 13 लाख टन, पंजाब-हरियाणा में 12 लाख टन, गुजरात में 5 लाख टन तथा बंगाल-बिहार सहित अन्य राज्यों में 19 लाख टन समेत राष्ट्रीय स्तर पर 115 लाख टन सरसों का उत्पादन हुआ था
जबकि 2024-25 के वर्तमान सीजन के दौरान राजस्थान में 51 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 15 लाख टन, मध्य प्रदेश में 13.50 लाख टन, हरियाणा-पंजाब में 12.50 लाख टन, गुजरात में 4.80 लाख टन, पश्चिम बंगाल में 6 लाख टन तथा देश के अन्य प्रांतों में 8.50 लाख टन के साथ कुल 111.30 लाख टन सरसों का उत्पादन हो सकता है।
23 मार्च 2025 को उत्तर प्रदेश की ताज नगरी- आगरा में आयोजित रबी तिलहन-तेल सेमिनार में सरसों का यह उत्पादन अनुमान सर्व सम्मति से जारी किया गया।
पिछले सीजन की तुलना में चालू सीजन के दौरान सरसों के बिजाई क्षेत्र में आई गिरावट को उत्पादन घटने का मुख्य कारण बताया जा रहा है जबकि कहीं-कहीं प्रतिकूल मौसम से भी फसल को थोड़ा-बहुत नुकसान हुआ।
सरसों का बिजाई क्षेत्र इस बार राजस्थान में 33.80 लाख हेक्टेयर, उत्तर प्रदेश में 13.60 लाख, मध्य प्रदेश में 13 लाख, हरियाणा-पंजाब में 7.80 लाख, गुजरात में 2.60 लाख, पश्चिम बंगाल में 6.40 लाख तथा देश के अन्य राज्यों में 12.10 लाख के साथ राष्ट्रीय स्तर पर 89.30 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया।
