सात जिंसों में वायदा व्यापार पर रोक की अवधि बढ़ने की संभावना
24-Mar-2025 01:17 PM
नई दिल्ली। पिछले तीन-चार साल से सात महत्वपूर्ण कृषि एवं खाद्य जिंसों तथा उसके मूल्य संवर्धित उत्पादों में वायदा व्यापार पर रोक लगी हुई है।
तिलहनों के कमजोर बाजार भाव को देखते को हुए इस बार वायदा कारोबार पर लगी रोक को हटाए जाने की उम्मीद की जा रही थी लेकिन सरकारी स्तर से जो सूचना मिल रही है उससे संकेत मिलता है कि वायदा व्यापार पर लागू रोक की समय सीमा को एक और साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
प्राप्त सूचना के मुताबिक अंतर मंत्रालयी समिति में इस मुद्दे पर विचार किया गया और समय सीमा को 31 मार्च 2026 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया गया। वैसे अभी तक इस सम्बन्ध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
जिन सात जिंसों एवं उसके डेरिवेटिव्स में वायदा कारोबार पर रोक लगी हुई है उसमें गैर बासमती धान, गेहूं कुछ दलहन, सोयाबीन, सरसों एवं पाम तेल भी शामिल हैं।
सोयाबीन का थोक मंडी भाव पहले ही घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी नीचे आ चुका है। इसी तरह मूंगफली और सरसों का दाम भी समर्थन मूल्य से नीचे है।
रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल- सरसों के नए माल की जोरदार आवक आरंभ हो गई है जबकि खरीफ कालीन सोयाबीन और मूंगफली की भी अच्छी आपूर्ति हो रही है।
इसी तरह चना का नया माल आने से इसका दाम घटकर समर्थन मूल्य से नीचे आ गया है। इसे देखते हुए उद्योग- व्यापार क्षेत्र को वायदा व्यापार पर लगे प्रतिबंध को हटाए जाने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा लगता है
कि उसे अगले एक और साल तक इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा। सरकारी अधिसूचना जल्दी ही जारी होने की संभावना है।
