तेलंगाना में आगामी खरीफ सीजन में फसलों का बिजाई क्षेत्र बढ़ने का अनुमान
31-Mar-2025 11:20 AM
हैदराबाद। देश के दक्षिणी राज्य- तेलंगाना में कपास का उत्पादन क्षेत्र 2024 के 1770 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2025 के खरीफ सीजन में 20.23 लाख हेक्टेयर पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
इसी तरह वहां धान का क्षेत्रफल भी गत वर्ष के 26.50 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 27 लाख हेक्टेयर पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है।
तेलंगाना के कृषि मंत्री के अनुसार राज्य में मक्का का बिजाई क्षेत्र 2.20 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 2.50 लाख हेक्टेयर तथा सोयाबीन का रकबा 1.61 लाख हेक्टेयर से उछलकर 3.60 लाख हेक्टेयर पर पहुंच जाने की उम्मीद है।
खरीफ फसलों की तैयारी से संबंधित एक समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री ने अधिकारियों को तमाम फसलों के बीजों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि किसानों को इसे प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो।
कृषि विभाग के मुताबिक आगामी खरीफ सीजन के दौरान राज्य में 16.70 लाख क्विंटल धान, 4.80 लाख क्विंटल मक्का, 1.35 लाख क्विंटल सोयाबीन तथा 89 लाख पैकेट (450 ग्राम का प्रत्येक पैकेट) कपास के बीज की आवश्यकता पड़ेगी।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने कृषि मंत्री को सूचित किया कि इस बार कपास बीज (कॉटन सीड) का 2.40 करोड़ पैकेट किसानों के लिए उपलब्ध रहेगा जबकि अन्य प्रमुख फसलों के बीज का भी कोई आभाव नहीं होगा।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सिर्फ पर्याप्त मात्रा में बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना ही आवश्यक नहीं है बल्कि पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए किसानों की मांग के अनुरूप उपयुक्त किस्मों के बीज की आपूर्ति बढ़ाना भी जरुरी है।
ऐसे कई उदाहरण सामने आ चुके हैं कि बीज उत्पादक किसानों को घाटा हो जाता है। इसी तरह बीज कंपनियों तथा किसानों के बीच जो बिचौलिए सक्रिय रहते हैं वे किसानों के लिए कठिनाई बढ़ाते हैं क्योंकि वे न तो उचित मूल्य देते हैं और न ही सही समय पर उसका भुगतान करते हैं।
उल्लेखनीय है कि तेलंगाना देश में धान एवं कपास के अग्रणी उत्पादक राज्यों में शामिल है जबकि वहां खरीफ सीजन के दौरान मक्का एवं सोयाबीन सहित कुछ अन्य फसलों की खेती भी बड़े पैमाने पर होती है। आमतौर पर जून में बिजाई की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
