धान का क्षेत्रफल नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान

27-Aug-2025 05:49 PM

नई दिल्ली। हालांकि केन्द्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर धान का उत्पादन क्षेत्र घटाने का इरादा रखती है क्योंकि उसके पास चावल का अत्यन्त विशाल स्टॉक मौजूद है और आगे इसके सुरक्षित भंडारण का गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है लेकिन इसके विपरीत भारतीय किसान धान की खेती में जबरदस्त उत्साह दिखा रहे हैं।

इसके फलस्वरूप राष्ट्रीय स्तर पर मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान 22 अगस्त तक धान का सकल उत्पादन क्षेत्र उछलकर 420.41 लाख हेक्टेयर के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के रकबा 390.80 लाख हेक्टेयर से 29.60 लाख हेक्टेयर तथा पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 403.10 लाख हेक्टेयर से 17.30 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। 

केन्द्रीय पूल में 1 जुलाई 2025 को करीब 380 लाख टन चावल और 140 लाख टन चावल के समतुल्य धान का स्टॉक मौजूद था। इस तरह चावल का स्टॉक न्यूनतम आवश्यक मात्रा 105 लाख टन (1 अक्टूबर) के सापेक्ष बहुत ज्यादा था। इस बार पंजाब  में धान की अगैती खेती हुई है और वहां इसका रकबा भी गत वर्ष से ज्यादा रहा है।

इस राज्य में सितम्बर के तीसरे-चौथे सप्ताह से धान की नई फसल की कटाई-तैयारी शुरू होने की संभावना है। राज्य सरकार ने केन्द्र से धान की खरीद इस बार जल्दी शुरू करने का आग्रह किया है जबकि आमतौर पर इसकी खरीद 1 अक्टूबर से आरंभ होती है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की जोरदार बारिश होने से किसानों को इस बार धान का उत्पादन क्षेत्र बढ़ाने में अच्छी सफलता मिल रही है लेकिन कहीं-कहीं भयंकर बाढ़ की वजह से फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका भी है।

इसके बावजूद खरीफ सीजन के इस सबसे महत्वपूर्ण खाद्यान्न के उत्पादन में शानदार बढ़ोत्तरी की उम्मीद की जा रही है। देश के पूर्वी एवं दक्षिणी राज्यों में धान की रोपाई अभी जारी है जिससे इसका क्षेत्रफल आगे और बढ़ने की उम्मीद है। 

धान के प्रमुख उत्पादक राज्यों- पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, बिहार, हरियाणा, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश एवं महाराष्ट्र आदि में इस वर्ष मानसून की अच्छी वर्षा हुई है और मौसम की हालत भी अनुकूल बताई जा रही है।