उत्पादन में गिरावट के बावजूद चीनी का निर्यात कोटा रहेगा बरकरार
27-Mar-2025 11:12 AM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए 10 लाख टन चीनी का निर्यात कोटा निर्धारित किया है जिसे बरकरार रखा जाएगा।
हालांकि शीर्ष उद्योग- व्यापार संगठनों ने 2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 सीजन के दौरान चीनी के घरेलू उत्पादन में 50-60 लाख टन तक की भारी गिरावट आने का अनुमान लगाया है
लेकिन फिर भी सरकार को घरेलू प्रभाग में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम रहने की उम्मीद है क्योंकि उद्योग के पास पिछले सीजन की चीनी का विशाल बकाया अधिशेष स्टॉक मौजूद था।
यद्यपि घरेलू उत्पादन में जोरदार गिरावट की आशंका को देखते हुए आशंका व्यक्त की जा रही थी कि सरकार चीनी के निर्यात कोटे में कटौती या निर्यात की प्रक्रिया को बंद करने पर विचार कर सकती है लेकिन आधिकारिक सूत्रों ने इस आशंका से इंकार करते हुए कहा है कि 10 लाख टन चीनी का निर्यात कोटा बरकरार रहेगा।
उल्लेखनीय है कि ब्राजील के बाद भारत दुनिया में चीनी का दूसरा सबसे प्रमुख उत्पादक देश है। सरकार ने जनवरी 2025 में स्वदेशी मिलों को 10 लाख टन चीनी के निर्यात की स्वीकृति प्रदान की थी जिसका शिपमेंट सितम्बर 2025 तक किया जा सकता है।
सरकार तथा उद्योग को भरोसा है कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहेगा और इसलिए 10 लाख टन का निर्यात होने के बाद भी इसका कोई गंभीर संकट पैदा नहीं होगा।
ध्यान देने की बात है कि 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के लिए प्राइवेट चीनी मिलों की शीर्ष संस्था- इस्मा ने 264 लाख टन, सहकारी मिलों की प्रमुख संस्था- एनएफसीएसएफ ने 259 लाख टन तथा शीर्ष व्यापारिक संस्था- आईस्टा ने 258 लाख टन चीनी के उत्पादन का अनुमान लगाया है जो 2023-24 सीजन के उत्पादन 319 लाख टन से काफी कम है।
इस्मा ने अपनी रिपोर्ट में आंकड़ों के हवाले से बताया है कि देश में चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी रहेगी और मार्केटिंग सीजन के अंत में यानी 30 सितम्बर 2025 को उद्योग के पास 54 लाख टन चीनी का विशेष स्टॉक उपलब्ध रहेगा
इसलिए कुछ वर्गों द्वारा व्यक्त की जा रही आशंका पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए। अगले सीजन में चीनी का बेहतर उत्पादन हो सकता है।
