विशाल आयात के कारण रूई का बकाया स्टॉक ऊंचा रहने की उम्मीद
12-Jun-2026 03:28 PM
मुम्बई। विदेशों से विशाल मात्रा में आयात होने तथा घरेलू मांग एवं खपत की स्थिति सामान्य रहने से चालू मार्केटिंग सीजन के अंत में रूई का बकाया अधिशेष स्टॉक काफी ऊंचा रहने की संभावना है। सीमा शुल्क के स्थापित होने से रूई का आयात 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में बढ़कर 60-65 लाख गांठ के उच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है।
मोटे अनुमान के अनुसार अक्टूबर 2025 से मई 2026 के दौरान रूई के आयात में 32 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई जबकि 1 जून से इसके आयात पर कोई सीमा शुल्क नहीं लग रहा है। 31 अक्टूबर 2026 तक रूई का आयात सीमा शुल्क से मुक्त रहेगा जबकि पहले इस पर 11 प्रतिशत का शुल्क लागू था।
इसके फलस्वरूप 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन के अंत में यानी 30 सितम्बर 2026 को अथवा 2026-27 सीजन के आरंभ में यानी 1 अक्टूबर 2026 को भारत में रूई का सकल बकाया अधिशेष स्टॉक 42 प्रतिशत उछलकर 85 लाख गांठ से ऊपर पहुंच जाने का अनुमान है।
एक अग्रणी व्यापारिक संस्था- कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएआई) के अनुसार वर्तमान मार्केटिंग सीजन में 31 मई 2026 तक देश में कुल 43.50 लाख गांठ रूई का आयात हुआ जो 31 मई 2025 तक के आयात 33 लाख गांठ से करीब 32 प्रतिशत अधिक है।
एसोसिएशन ने पहले 2025-26 के पूरे मार्केटिंग सीजन में 47 लाख गांठ रूई का आयात होने का अनुमान लगाया था लेकिन जब मई के अंत तक 43.50 लाख गांठ का आयात हो गया और इसका आयात जून से सीमा शुल्क से मुक्त हो गया तब एसोसिएशन को नया अनुमान जारी करने की आवश्यकता महसूस हुई।
एसोसिएशन ने अब रूई का कुल आयात बढ़कर 60-65 लाख गांठ (170 किलो की प्रत्येक गांठ ) पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की है। भारत में अमरीका, ब्राजील एवं मिस्र सहित कई अन्य देशों से अच्छी क्वालिटी की रूई का भारी आयात हो रहा है।
