10 अरब डॉलर के मसाला निर्यात लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास तेज

07-Mar-2025 05:54 PM

कोच्चि। भारत सरकार ने वर्ष 2030 तक मसालों का सालाना निर्यात बढ़ाकर 10 अरब डॉलर पर पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसको हासिल करने के लिए जोरदार उपाय भी किया जा रहा है।

निर्यातकों का कहना है कि इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मूल्य संवर्धित मसाला उत्पादों के निर्यात में भारी वृद्धि करने की आवश्यकता पड़ेगी।

साबुत मसालों का निर्यात प्रदर्शन संतोषजनक चल रहा है मगर मसाला उत्पादों का प्रदर्शन सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। 

वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान भारत से मसालों का कुल निर्यात बढ़कर 4.40 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया जबकि 2024-25 के वर्तमान वित्त वर्ष में अप्रैल से जनवरी के 10 महीनों के दौरान इसमें 8 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया। कहने का मतलब यह है कि मसालों का निर्यात नियमित रूप से बढ़ रहा है।

सरकार ने वर्ष 2030 तक मसालों का निर्यात वर्तमान स्तर के मुकाबले दोगुना से अधिक बढ़ाकर 10 अरब डॉलर तथा वर्ष 2047 तक 25 अरब डॉलर पर पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित कर रखा है। भारत दुनिया में मसालों का सबसे प्रमुख उत्पादक खपतकर्ता एवं निर्यातक देश है। 

वर्ल्ड स्पाइस आर्गेनाइजेशन (डब्ल्यू एस ओ) के चेयरमैन एवं अखिल भारतीय मसाला निर्यातक फोरम के एक वरिष्ठ सदस्य का कहना है कि इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सटीक एवं व्यावहारिक रणनीति बनाने का प्रयास किया जा रहा है और यह देखना होगा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए क्या-क्या किया जा सकता है।

वर्तमान समय में मसालों की सकल निर्यात आय में मूल्य वर्द्धित उत्पादों की भागीदारी 50 प्रतिशत के आसपास चल रही है जबकि इसे बढ़ाने की पूरी कोशिश की जाएगी।

यदि भारत को 10 अरब डॉलर का निर्यात लक्ष्य प्राप्त करना है तो मसालों की कुल निर्यात आमदनी में मूल्य संवर्धित उत्पादों का योगदान 70 प्रतिशत तक पहुंचाना आवश्यक होगा। 

देश में उत्पादित मसालों के 85 प्रतिशत भाग की खपत घरेलू प्रभाग में होती है और केवल 15 प्रतिशत भाग का ही विदेशों में निर्यात हो रहा है।

मसालों के निर्यात योग्य अधिशेष स्टॉक में वृद्धि करना भी आवश्यक है। वैश्विक बाजार में भारतीय मसालों की अच्छी मांग बनी हुई है।