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30-Sep-2026 01:52 PM
नई दिल्ली। अल नीनो मौसम चक्र के खतरे को देखते हुए केन्द्र सरकार ने 2026-27 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन के लिए खाद्यान्न के उत्पादन का लक्ष्य कुछ घटाकर 37.393 करोड़ टन निर्धारित किया है जो 2025-26 सीजन के वास्तविक उत्पादन से करीब 26.30 लाख टन कम है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2025-26 सीजन के लिए 36.260 करोड़ टन खाद्यान्न के उत्पादन का लक्ष्य नियत किया गया था जबकि मौसम एवं मानसून की हालत अनुकूल रहने से इसका वास्तविक उत्पादन बढ़कर 37.656 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। वैसे 2026-27 सीजन के लिए निर्धारित उत्पादन का लक्ष्य 2025-26 सीजन के नियत लक्ष्य से काफी अधिक है।
कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश एवं राजस्थान के कुछ भागों में जारी सूखे के संकट से खाद्यान्न का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। इतना ही नहीं बल्कि अल नीनो मौसम चक्र लगातार मजबूत और ताकतवर होता जा रहा है। इसका प्रभाव अप्रैल-मई 2027 तक बरकरार रहने की संभावना है जिससे रबी कालीन फसलों के प्रति भी चिंता बढ़ती जा रही है। इसके बावजूद रबी कालीन खाद्यान्न के उत्पादन का लक्ष्य 17.772 करोड़ टन नियत किया गया है।
रबी अभियान के लिए आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि राज्यों से प्राप्त इनपुट (फीड बैक) के आधार पर यह उत्पादन लक्ष्य नियत किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष खरीफ कालीन खाद्यान्न के उत्पादन में कोई उल्लेखनीय गिरावट नहीं आएगी। अल नीनो, सूखा एवं बाढ़ के प्रकोप के बावजूद उत्पादन सामान्य हो सकता है।
ध्यान देने की बात है कि 2025-26 के रबी सीजन में 17.451 करोड़ टन खाद्यान्न का वास्तविक उत्पादन हुआ जबकि 2026-27 के रबी सीजन हेतु खाद्यान्न का उत्पादन लक्ष्य उससे ऊंचा नियत किया गया है। कृषि मंत्री के अनुसार यद्यपि खरीफ सीजन के दौरान कुछ फसलों के उत्पादन क्षेत्र में गिरावट आई है लेकिन कुल मिलाकर इसका क्षेत्रफल गत वर्ष के अत्यन्त निकट पहुंच गया।