अफगानिस्तान में सूखे अंजीर का उत्पादन 40 प्रतिशत घटने का अनुमान

23-Jun-2026 10:15 AM

कंधार। मौसम की हालत प्रतिकूल होने तथा प्राकृतिक आपदाओं का गंभीर प्रकोप रहने से अफगानिस्तान में अंजीर की लगभग 40 प्रतिशत फसल क्षतिग्रस्त या बर्बाद होने का अनुमान लगाया जा रहा है जिससे भारतीय सूखा मेवा बाजार में मांग एवं आपूर्ति के बीच भारी असंतुलन पैदा हो सकता है और त्यौहारी सीजन के दौरान कीमतों में तेजी आ सकती है।

अफगानिस्तान से भारत को चालू वर्ष के दौरान करीब 1300 से अधिक कंटेनरों में सूखे अंजीर का निर्यात होने की सम्भावना है जो अगले साल घटकर 800 कंटेनर से भी नीचे आ सकता है। इस भारी अंतर की वजह से भारत में उपलब्धता घट जाएगी। दरअसल वहां सिर्फ अंजीर के उत्पादन में ही कमी आने की सम्भावना नहीं है बल्कि माल की क्वालिटी भी खराब होने की आशंका है। इसके फलस्वरूप अच्छी क्वालिटी के सूखे अंजीर का अभाव महसूस हो सकता है और अफगानिस्तान में इसकी कीमतों में तेजी आ सकती है। इससे भारत में इसके आयात का खर्च ऊंचा हो जाएगा।

पीक सीजनल खरीद की अवधि से पूर्व सूखे अंजीर के स्टॉक में जोरदार गिरावट आने की सम्भावना है जिससे प्रीमियम ग्रेड के माल की आपूर्ति की स्थिति काफी जटिल हो जाएगी। स्टॉक पोजीशन को मजबूत करने के लिए आयात बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा और आयातकों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इधर भारत में थोक एवं खुदरा बाजार में उपलब्धता लगातार कम होती जाएगी। बाजार भाव में जबरदस्त चढ़ाव-उतार का माहौल देखने को मिल सकता है। उच्च श्रेणी के माल का आयात अनुबंध करने में खरीदार जल्दबाजी दिखा सकते हैं।

एक अग्रणी विश्लेषक के अनुसार सूखे अंजीर के आयातकों एवं कारोबारियों को घबराने या चिंतित होने के बजाए धैर्य और संयम से काम लेना चाहिए और वैकल्पिक स्रोतों पर ध्यान देना चाहिए। सूखे अंजीर को खुबानी भी कहा जाता है।