अमरीका ने भारत से अधिकांश वस्तुओं को आयात शुल्क से मुक्त करने के लिए कहा
06-Mar-2025 08:26 PM
वाशिंगटन। एक बड़ा आघात देते हुए अमरीकी प्रशासन ने भारत से कहा है कि दोनों देशों के बीच होने वाले कारोबार के तहत कृषि उत्पादों को छोड़कर अन्य लगभग सभी वस्तुओं पर सीमा शुल्क को घटकर शुल्क मुक्त किया जाए।
ऐसा प्रतीत होता है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड की अगुवाई वाला अमरीकी प्रशासन भारत को "जैसे को तैसा" शुल्क नीति के तहत कोई छूट या रियायत देने के मूड में नहीं है।
अमरीका ने कहा है कि भारत में अमरीकी उत्पादों पर जितना शुल्क लगता है उतना शुल्क ही भारतीय उत्पादों पर अमरीका में लगाया जाएगा। इसे 'रेसिप्रोकक्ष टैरिफ" कहा जाता है। भारतीय उत्पादों पर यह शुल्क 2 अप्रैल से प्रभावित होने वाला है।
राष्ट्रपति ट्रम्प बार-बार कहते रहे हैं कि भारत सहित अन्य देशों में अनुचित एवं आसमान व्यापार प्रणाली प्रचलित है और अमरीका इसे नजर अंदाज नहीं कर सकता है।
पिछले महीने जब भारतीय प्रधानमंत्री ने अमरीका का दौरा किया था तब ट्रम्प ने उनके समक्ष भारत में ऊंचे आयात शुल्क का मुद्दा उठाया था।
समझा जाता है कि केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री ने आयात शुल्क के मसाले पर अमरीकी व्यापार प्रतिनिधियों तथा अमरीकी वाणिज्य मंत्री के साथ अमरीका में बातचीत की थी और दोनों देशों के सुलझाने के लिये एक माह से कम का समय बचा हुआ है और अमरीका भारत को अपवाद की श्रेणी में रखने तथा किसी तरह की रियायत देने के लिए तैयार नहीं है।
इधर भारत ऑटो के आयात पर शुल्क की दर को तत्काल घटकर शून्य पर लाने का इच्छुक नहीं है लेकिन अन्य वस्तुओं पर शुल्क में कढौती करने पर विचार कर सकता है।
सरकारी अधिकारियों ने घरेलू कार निर्माताओं से बातचीत की है। इसमें आयात शुल्क को घटाकर शून्य पर लाने के सम्बन्ध में भी विचार-विमर्श किया गया।
