भारत में गेहूं एवं चावल के लिए दी जा रही सब्सिडी के खिलाफ डब्ल्यू टी ओ में शिकायत
25-Nov-2024 04:24 PM
जेनेवा । विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यू टी ओ) में अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि ने एक बार फिर भारत को चावल तथा गेहूं पर प्रदत्त सब्सिडी के लिए घेरने का प्रयास किया है और यूएस व्हीट एसोसिएट्स तथा नेशनल एसोसिएशन ऑफ व्हीट ग्रोअर्स ने इसके लिए अमरीकी प्रशासन की सराहना की है।
अमीरकी व्यापार प्रतिनिधि ने भारत में गेहूं एवं चावल (धान) के उत्पादकों को सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग-समर्थन, इनपुट सब्सिडी तथा बाजार समर्थन मूल्य पर सवाल उठाए हैं। अमरीका इससे पूर्व भी भारत को इस मुद्दे पर घेरने का प्रयास कर चुका है मगर उसका कोई सार्थक नतीजा सामने नहीं आ सका।
डब्ल्यू टी ओ को दी गई सूचना (काउंटर नोटिफिकेशन) में अमरीका ने कहा है कि भारत सरकार गेहूं और चावल के लिए जो सपोर्ट दे रही है उसके सही स्तर की पारदर्शिता में संदेह है।
दिलचस्प तथ्य यह है कि अमरीकी के इस नोटिफिकेशन का अर्जेन्टीना, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा एवं यूक्रेन जैसे अग्रणी गेहूं निर्यातक देशों ने समर्थन किया है लेकिन रूस एवं यूरोपीय संघ के सदस्य देश फिलहाल इसमें शामिल नहीं हुए हैं।
यूएस व्हीट एसोसिएट्स के अध्यक्ष ने कहा है कि भारत सरकार डब्ल्यू टी ओ के नियमों- शर्तों का पालन नहीं कर रही है और समर्थन के स्तर तथा सरकारी पूल में स्टॉक पर कोई समझौता करने से इंकार कर रही है जिससे विश्व व्यापार संगठन के मंच पर कृषि संबंधी मुद्दों पर बातचीत में प्रगति को धक्का लग रहा है।
इस महत्वपूर्ण मुद्दे को प्रकाश में लाना आवश्यक और महत्वपूर्ण हो गया था ताकि भारत पर इस बात के लिए दबाव डाला जाए कि वह एक जिम्मेदार व्यापारिक साझीदार बना रहे।
भारत पहले भी इस तरह के मुद्दे पर मजबूती से अपना पक्ष रख चुका है और इस बार भी करार जवाब देने की तैयारी कर रहा है। भारत बार-बार कहता रहा कि घरेलू खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित उसकी पहली प्राथमिकता है और इस पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है।
