चीनी के शानदार उत्पादन की संभावना से उद्योग को राहत मिलने के आसार

24-Sep-2025 01:12 PM

नई दिल्ली। अगले महीने से आरंभ होने वाले नए मार्केटिंग सीजन के दौरान देश में चीनी का शानदार उत्पादन होने का अनुमान लगाया जा रहा है क्योंकि गन्ना के बिजाई क्षेत्र में बढ़ोत्तरी हुई है

और मानसून तथा मौसम की हालत अनुकूल रहने से इसकी औसत उपज दर तथा गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर में सुधार आने के आसार हैं। उत्पादन में वृद्धि होने पर उद्योग को अपना कारोबार बढ़ाने का अच्छा अवसर प्राप्त होगा। 

केन्द्रीय खाद्य सचिव ने चालू माह के आरंभ में कहा था कि चीनी उद्योग के लिए अच्छे दिन आने वाले हैं। दरअसल 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में चीनी का घरेलू उत्पादन घटकर 260-264 लाख टन के बीच अटक गया जो 2023-24 सीजन के उत्पादन 319 लाख टन से काफी कम था। इसके बावजूद सरकार ने 10 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति प्रदान की थी।

पिछ्ला बकाया स्टॉक ज्यादा होने से घरेलू बाजार में कोई गंभीर संकट उत्पन्न नहीं हुआ मगर उद्योग के पास चीनी का अंतिम अधिशेष स्टॉक घटकर 45 लाख टन के आसपास रह जाने की संभावना है जो पिछले कुछ वर्षों में सबसे कम है। 

अक्टूबर 2025 से आरंभ होकर सितम्बर 2026 तक चलने वाले मार्केटिंग सीजन के दौरान चीनी का सकल घरेलू उत्पादन काफी बढ़ने की उम्मीद है।

समीक्षकों के अनुसार खाद्य एवं औद्योगिक क्षेत्र की मांग को पूरा करने के बाद उद्योग के पास करीब 120 लाख टन चीनी का स्टॉक बचने का अनुमान है।

यह सवाल उठ रहा था कि इस विशाल स्टॉक का उपयोग किस तरह किया जाएगा। सरकार ने उद्योग को एथनॉल निर्माण में चीनी के नियंत्रण मुक्त इस्तेमाल की अनुमति प्रदान कर दी है।

इससे उद्योग को स्टॉक घटाने में मदद मिलेगी। स्वदेशी उद्योग सरकार से 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में 20 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति भी मांग रहा है। 

सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि घरेलू प्रभाग में खाद्य उद्देश्य तथा एथनॉल उत्पादन में चीनी की खपत को प्राथमिकता दी जाएगी और उसके बाद यदि अधिशेष स्टॉक बचेगा तब उसके निर्यात की स्वीकृति देने पर विचार किया जाएगा।