चीनी की उपलब्धता अगले सीजन में बेहतर रहने की उम्मीद

22-Sep-2025 08:47 PM

नई दिल्ली। गन्ना के बिजाई क्षेत्र में बढ़ोत्तरी होने तथा फसल की हालत अच्छी रहने से अगले मार्केटिंग सीजन में चीनी का उत्पादन बढ़ने के प्रबल आसार हैं जिससे घरेलू प्रभाग में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम रहने तथा मार्केटिंग सीजन के अंत में बकाया स्टॉक ऊंचा होने की उम्मीद है।

लेकिन कीमतों में नरमी आने के बारे में निश्चित तौर पर कुछ कहना मुश्किल है क्योंकि गन्ना के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) में वृद्धि होने तथा मिलों का अन्य व्यय बढ़ने से चीनी के लागत खर्च में इजाफा हो जाएगा और मिलर्स अपने उत्पाद का दाम घटाने की स्थिति में नहीं होंगे। 

हालांकि शीर्ष उद्योग संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान चीनी का सकल घरेलू उत्पादन 349 लाख टन पर पहुंचने का आरंभिक अनुमान लगाया है लेकिन उद्योग-व्यापार क्षेत्र के कुछ समीक्षक वास्तविक उत्पादन 360 लाख टन के आसपास होने की संभावना व्यक्त कर रहे हैं।

यदि इस उत्पादन अनुमान पर यकीन किया जाए तो एथनॉल निर्माण में डायवर्जन के बाद 310-320 लाख टन शुद्ध चीनी खाद्य उद्देश्य के लिए उपलब्ध रह सकती है। विभिन्न उद्देश्यों में चीनी का कुल घरेलू  उपयोग 285-290 लाख टन के बीच होने की संभावना व्यक्त की गई है।

इसका मतलब यह हुआ कि 20-30 लाख टन का अधिशेष स्टॉक रह सकता है और यदि निर्यात की अनुमति नहीं दी गई है तो मार्केटिंग सीजन के अंत में यानी 30 सितम्बर 2026 को उद्योग के पास चीनी का बकाया स्टॉक बढ़कर 60 लाख टन से ऊपर पहुंच सकता है जो 30 सितम्बर 2025 के अनुमानित स्टॉक 45 लाख टन से काफी अधिक है।