चीनी मिलों की वित्तीय क्षमता बढ़ाने हेतु समेकित पंचवर्षीय योजना का प्रस्ताव
25-Nov-2024 04:12 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने नेशनल को ऑपरेटिव डवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनसीडीसी) की 91 वी आम परिषद बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार सहकारी क्षेत्र के माध्यम से देश के करोड़ों किसानों का जीवन स्तर सुधारने के प्रतिबद्ध है
और सहकारिता आंदोलन के जरिए आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाइन का हर संभव प्रयास कर रही है। केन्द्र सरकार सहकारिता के माध्यम से देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है और इस मामले में एनसीडीसी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।
सहकारिता मंत्री के अनुसार एनसीडीसी की सफलता न केवल इसके द्वारा वितरित 60,000 करोड़ रुपए से अधिक राशि से झलकती है बल्कि ग्रामीण अर्थ व्यवस्था एवं सहकारी क्षेत्र पर पड़ने वाले इसके सकारात्मक प्रभाव में भी निहित है।
सहकारिता मंत्री ने चीनी मिलों की वित्तीय क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से एक व्यापक एवं समेकित पंचवर्षीय योजना के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा है।
इसके तहत चीनी मिलों की कोष राशि को बढ़ाकर 25,000 करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य नियत किया गया है। इस रणनीतिक उपाय से चीनी उद्योग की प्रगति एवं निरंतरता को बरकरार रखने तथा बढ़ाने में अच्छी सहायता मिलने की उम्मीद है।
इससे उद्योग की वित्तीय स्थिति एवं स्थिरता में सुधार सुनिश्चित होगा और चीनी क्षेत्र के दीर्घकालीन विकास को मजबूत आधार प्राप्त होगा।
मंत्री महोदय ने उड़ीसा, आंध्र प्रदेश एवं केरल जैसे तटवर्ती राज्यों में गहरे समुद्र में ट्रावलर की तलाश करने पर भी जोर दिया। सफेद क्रांति के दूसरे चरण के महत्व एवं उपयोग की जरूरत पर जोर देते हुए सहकारिता मंत्री ने कहा कि देश के पूर्वोत्तर राज्यों में दुग्ध सहकारी यूनियनों को विकसित एवं संवर्धित करने पर विशेष ध्यान दिया जाने चाहिए।
सहकारी चीनी मिलों का प्रदर्शन कमजोर रहता है और उसे सहकारी सहयोग-समर्थन तथा प्रोत्साहन की अक्सर जरूरत पड़ती है इसलिए उसकी वित्तीय स्थिति को सुधारने तथा सुधार की निरंतरता बनाए रखने के लिए पंचवर्षीय योजना के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है।
