छोटी इलायची में तेजी : अभी मंदे की संभावना नहीं
18-Jun-2026 07:01 PM
नई दिल्ली। जानकार सूत्रों का कहना है कि प्रमुख उत्पादक राज्य केरल में पर्याप्त बारिश न होने के कारण अगस्त माह में आने वाली छोटी इलायची की फसल प्रभावित होने की संभावना है। इसके अलावा वर्तमान में नीलामी केन्द्रों पर निर्यातकों के अलावा लोकल मांग भी अच्छी चल रही है जिस कारण से हाल ही में छोटी इलायची के भाव 100/150 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए है और अभी भी भाव ओर बढ़ने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे है।
उल्लेखनीय है कि चालू सीजन के दौरान देश में ही नहीं अपितू ग्वाटेमाला में भी छोटी इलायची की पैदावार घटने के कारण के वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय इलायची का निर्यात अच्छा रहा। आमतौर पर ग्वाटेमाला में छोटी इलायची का उत्पादन 28/30 हजार टन के आसपास रहता है कि लेकिन चालू सीजन के दौरान प्रतिकूल मौसम के चलते उत्पादन 20/22 हजार टन का माना गया है। ग्वाटेमाला में छोटी इलायची की नई फसल नवम्बर-दिसम्बर माह में आती है जबकि भारत में जुलाई-अगस्त में नई छोटी इलायची की आवक होती है। चालू सीजन के दौरान देश में छोटी इलायची का उत्पादन 28/30 हजार टन का रहा। सूत्रों का मानना है कि आने वाली फसल चालू सीजन की तुलना में कम रहने के पूर्वानुमान लगाए जा रहे है। जिस कारण बाजार में सट्टेबाजी भी बढ़ गई है।
भाव
उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर नीलामी के दौरान लगातार बढ़ती कीमतों के कारण खपत केन्द्रों पर छोटी इलायची के भाव तेजी के साथ बोले जाने लगे हैं। वर्तमान में दिल्ली बाजार में छोटी इलायची के भाव क्वालिटीनुसार 2600/3500 रुपए बोले जाने लगे हैं। जबकि नीलामी केन्द्रों पर छोटी इलायची के एवरेज भाव 2830/2840 रुपए पर बोले जाने लगे हैं। वर्तमान हालात को देखते हुए अभी भी बाजार में धारणा तेजी की बनी हुई है। सूत्रों का मानना है कि प्रतिकूल मौसम के चलते उत्पादन प्रभावित होने के साथ-साथ नए मालों की आवक में भी विलम्ब होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।
निर्यात
ग्वाटेमाला में कमजोर उत्पादन का फायदा भारतीय इलायची उत्पादको को भरपूर मिल रहा है। जिस कारण से वर्ष 2025-26 के दौरान मात्रात्मक रूप में छोटी इलायची का निर्यात 124 प्रतिशत एवं आय के रूप में 134 प्रतिशत बढ़ा है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान छोटी इलायची का निर्यात 15050 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 3672 करोड़ की रही। जबकि वर्ष 2024-25 के दौरान छोटी इलायची का निर्यात 6728 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 1566.82 करोड़ की रही।
