गन्ना के साथ-साथ अनाजों से भी एथनॉल का उत्पादन बढ़ने के आसार

16-Apr-2025 05:48 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने 2023-24 के मार्केटिंग सीजन में एथनॉल निर्माण के लिए गन्ना के उपयोग पर मात्रात्मक प्रतिबंध लगा दिया था मगर 2024-25 के वर्तमान सीजन के लिए इसे हटा लिया है।

यद्यपि इस बार भी गन्ना के घरेलू उत्पादन में गिरावट आई लेकिन इसका असर एथनॉल से ज्यादा चीनी के उत्पादन पर देखा जा रहा है।

पिछले सीजन के दौरान एथनॉल के उत्पादन में करीब 21.50 लाख टन चीनी के समतुल्य गन्ना का उपयोग किया गया था जबकि चालू सीजन में यह मात्रा बढ़कर 32-35 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है।

दूसरी ओर चीनी के घरेलू उत्पादन में 50-60 लाख टन तक की  जोरदार गिरावट आने की संभावना है और उत्पादन का सीजन भी जल्दी ही समाप्त होने वाला है। 

जहां तक अनाजों (मुख्यतः चावल एवं मक्का) से एथनॉल के निर्माण की बात है तो इसका उत्पादन भी 2023-24 के सीजन से बेहतर होने की संभावना है। घरेलू बाजार में चावल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और इसका दाम भी स्थिर बना हुआ है।

सरकार ने अपने स्टॉक में से एथनॉल निर्माताओं के लिए 24 लाख टन चावल मुहैया करवाने का निर्णय लेते हुए इसका मूल्य 2250 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।

इससे डिस्टीलरीज को बढ़िया विकल्प मिल रहा है। इसके साथ-साथ मक्का की आपूर्ति भी बढ़ रही है। हालांकि मक्का का घरेलू बाजार भाव 2225 रुपए प्रति क्विंटल के सरकारी समर्थन मूल्य से ऊंचा चल रहा है

लेकिन फिर भी इसका उपयोग करना एथनॉल निर्माताओं के लिए आर्थिक दृष्टि से लाभप्रद साबित हो रहा है। म्यांमार जैसे देशों से मक्का के आयात का विकल्प भी खुला हुआ है। 

पेट्रोल में एथनॉल का मिश्रण 2022-23 के मार्केटिंग सीजन में औसतन 12.06 प्रतिशत पर पहुंचा था जो 2023-24 के सीजन में बढ़कर 14.06 प्रतिशत पर पहुंच गया।

2024-25 के वर्तमान सीजन में यह और भी बढ़कर 18-20 प्रतिशत तक पहुंच जाने की उम्मीद है जिससे पेट्रोलियम का आयात और इस पर होने वाले विशाल खर्च को घटाने में सहायता मिल सकती है।                  

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