जनवरी में कनाडा से मसूर एवं काबुली चना के निर्यात में गिरावट

07-Mar-2025 07:41 PM

टोरंटो। सरकारी एजेंसी- स्टैट्सकैन के आंकड़ों से पता चलता है कि दिसम्बर 2024 के मुकाबले जनवरी 2025 में कनाडा से मसूर एवं काबुली चना का निर्यात प्रदर्शन कुछ कमजोर रहा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक चालू वर्ष के प्रथम माह यानी जनवरी 2025 के दौरान कनाडा से मसूर का निर्यात घटकर 1,29,119 टन पर अटक गया जो दिसम्बर 2024 के शिपमेंट 2,62,058 टन से 51 प्रतिशत कम रहा।

समझा जाता है कि भारतीय मांग बहुत कमजोर होने से कनाडाई मसूर के शिपमेंट में भारी गिरावट आ गई। लम्बे अरसे के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि जनवरी में भारत कनाडाई मसूर के तीन शीर्ष आयातक देशों की सूची से बाहर निकल गया। 

जनवरी में बांग्ला देश कनाडाई मसूर का सबसे बड़ा खरीदार रहा जिसने 25,686 टन का आयात किया। इसके बाद 20,190 टन के आयात के साथ संयुक्त अरब अमीरात दूसरे नम्बर पर तथा 9833 टन के आयात के साथ तुर्किए तीसरे स्थान पर रहा। 

लेकिन जनवरी के इस कमजोर प्रदर्शन के बावजूद चालू मार्केटिंग सीजन की पहली छमाही में यानी अगस्त 2024 से जनवरी 2025 के दौरान कनाडा से मसूर का कुल निर्यात बढ़कर 12,21,145 टन पर पहुंच गया जो 2023-24 के मार्केटिंग सीजन की समान अवधि के शिपमेंट 9,68,100 टन से 26 प्रतिशत अधिक रहा।

ज्ञात हो कि कनाडा से 2023-24 के पूरे मार्केटिंग सीजन में 16,82,509 टन मसूर का निर्यात हुआ जबकि इसकी मात्रा 2022-23 में 22,23,327 टन तथा 2021-22 में 16,11,640 टन दर्ज की गई थी।

जहां तक काबुली चना का सवाल है तो इसका निर्यात भी दिसम्बर 2024 के 20,056 टन से 4 प्रतिशत घटकर जनवरी 2025 में 17,964 टन पर अटक गया। जनवरी में कनाडा में अमरीका को सबसे ज्यादा 3136 टन, तुर्की को 2185 टन तथा इटली को 1840 टन काबुली चना का निर्यात किया गया।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कनाडा से अगस्त 2024 से जनवरी 2025 की छमाही में काबुली चना का कुल निर्यात घटकर 91,103 टन पर अटक गया जो अगस्त 2023 से जनवरी 2024 की छमाही में हुए कुल शिपमेंट 1,17,505 टन से 22 प्रतिशत कम रहा।