केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की जोरदार खरीद जारी
16-Apr-2025 07:09 PM
नई दिल्ली। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और उसकी सहयोगी प्रांतीय एजेंसियों द्वारा प्रमुख उत्पादक राज्यों में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की जोरदार खरीद की जा रही है।
केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने वर्तमान रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान पंजाब में 124 लाख टन, हरियाणा में 75 लाख टन, मध्य प्रदेश में 60 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 30 लाख टन तथा राजस्थान में 20 लाख सहित राष्ट्रीय स्तर पर कुल 312 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है
और उसे यह लक्ष्य प्राप्त हो जाने का भरोसा भी है। मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश में गेहूं की खरीद मार्च में ही आरंभ हो गई थी जबकि पंजाब- हरियाणा में यह 1 अप्रैल से शुरू हुई।
पंजाब केन्द्रीय पूल में गेहूं का सर्वाधिक योगदान देता है। वहां 15 अप्रैल से 15 मई के बीच गेहूं की अधिकांश खरीद पूरी हो जाती है।
मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में इस बार गेहूं की सरकारी खरीद में इजाफा होने की उम्मीद है क्योंकि वह किसानों को केन्द्र सरकार द्वारा घोषित 2425 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूतनम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर अतिरिक्त बोनस देने का निर्णय लिया गया है।
इसके तहत किसानों को मध्य प्रदेश में 175 रुपए प्रति क्विंटल तथा राजस्थान में 150 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस दिया जा रहा है।
इस बार 12 अप्रैल तक राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 31 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हो चुकी थी जो पिछले साल की समान अवधि की खरीद 17 लाख टन से काफी अधिक रही।
इसमें अकेले मध्य प्रदेश का योगदान 27 लाख टन से ज्यादा रहा जबकि शेष गेहूं राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश में खरीदा गया। केन्द्रीय पूल में 1 अप्रैल 2025 को 117 लाख टन से कुछ अधिक गेहूं का स्टॉक मौजूद था।
यदि इस बार 300 लाख टन से ज्यादा गेहूं की सरकारी खरीद हुई तो केन्द्रीय पूल में इसका स्टॉक मजबूत स्थिति में पहुंच जाएगा।
नई फसल की जोरदार आपूर्ति होने से गेहूं का थोक मंडी भाव घटकर काफी नीचे आ गया है जिससे सरकारी एजेंसियों को इसकी खरीद बढ़ाने का अच्छा अवसर मिल सकता है।
पंजाब में गेहूं के सुरक्षित भंडार के लिए गोदामों को खाली किया जा रहा है। फ्लोर मिलर्स एवं व्यापारियों द्वारा भी किसानों से गेहूं खरीदने की जोरदार कोशिश की जा रही है जिससे सरकारी एजेंसियों के लिए चुनौती बढ़ सकती है।
लेकिन चूंकि इस बार गेहूं के घरेलू उत्पादन में भारी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है इसलिए सभी को इसकी अच्छी मात्रा प्राप्त हो सकती है।
