महाराष्ट्र में चीनी मिलों द्वारा ओएमसी को 121 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति का लक्ष्य
07-Mar-2025 10:47 AM
मुम्बई। हालांकि देश के सबसे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्य- महाराष्ट्र में गन्ना के अभाव के कारण 50 प्रतिशत से अधिक इकाइयां बंद हो चुकी हैं लेकिन सरकार को वहां एथनॉल का बेहतर उत्पादन होने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र के राज्यपाल ने कहा है कि राज्य सरकार एथनॉल का उत्पादन एवं उसकी आपूर्ति बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए अनेक उपाय भी कर रही है।
2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) के दौरान महाराष्ट्र की चीनी मिलों द्वारा तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को 121 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है और इस लक्ष्य के हासिल हो जाने की उम्मीद है।
राज्यपाल महोदय के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार किसानों, महिलाओं तथा वंचित वर्ग के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है और साथ ही साथ स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग तथा ढांचागत विकास के लिए भी जोरदार प्रयास कर रही है।
राज्य सरकार खासतौर से महाराष्ट्र को विकसित और उन्नत बनाने की दिशा में काम कर रही है। उनका कहना था कि पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण की केन्द्रीय योजना बहुत उपयोगी एवं लाभकारी है और इसे सफल बनाने में महाराष्ट्र सर्वोत्तम योगदान देने के लिए तैयार है।
पेट्रोल में एथनॉल का मिश्रण न केवल ऊर्जा की निरंतरता को बरकरार रखने हेतु एक वैकल्पिक ईंधन प्रदान करेगा बल्कि कार्बन उत्सर्जन को घटाने में भी सहायक साबित होगा। इसे ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार एथनॉल उत्पादन को विशेष रूप से प्रोत्साहित कर रही है।
महाराष्ट्र में पिछले सीजन के मुकाबले इस बार चीनी का उत्पादन काफी घट रहा है और गन्ना की कमी की वजह से 4 मार्च 2025 तक कुल 200 सक्रिय मिलों में से 102 इकाइयां बंद हो चुकी थीं।
इसके सापेक्ष पिछले साल बंद होने वाली चीनी मिलों की संख्या 30 से भी कम थी। हालांकि केन्द्र सरकार ने एथनॉल निर्माण में गन्ना के उपयोग पर कोई मात्रात्मक नियंत्रण नहीं लगाया है लेकिन चीनी मिलों एवं डिस्टीलरीज को गन्ना की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही है।
इसके अलावा मिलों के लिए चीनी का घरेलू बाजार भाव भी आकर्षक बना हुआ है। इसके फलस्वरूप एथनॉल का उत्पादन अपेक्षित स्तर तक पहुंचने में संदेह है।
