मलेशिया में बोतल बंद पाम तेल का अभाव
06-Mar-2025 06:10 PM
जोहोर बारु। हालांकि मलेशिया दुनिया में पाम तेल का दूसरा सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है मगर उसके कुछ भागों में लोगों को अभी बोतल बंद खाद्य श्रेणी के पाम तेल को प्राप्त करने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पैकिंग युक्त खाद्य तेल का अभाव पिछले एक महीने से बना हुआ है। अभी रमजान का महीना चल रहा है और ऐसे समय में खाद्य तेल की मांग एवं खपत बढ़ जाती है। सरकार को पहले ही इसकी पर्याप्त आपूर्ति एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाना चाहिए था।
चालू वर्ष के आरंभ से ही बोतलबंद पाम तेल की आपूर्ति की स्थिति जटिल बनी हुई है। इससे सुपर मार्केट तथा राशन दुकानों पर इसकी भारी कमी हो रही है और लोगों को महंगे विकल्पों की खरीद के लिए विवश होना पड़ रहा है।
ईद उल फितर के लिए इस मुस्लिम बहुल देश में लोगों को आवश्यक तैयारी करनी पड़ रही है और ऐसे समय में बोतल बंद पाम तेल का अभाव होना अश्चायर्जनक माना जा रहा है।
जोहोर बारु शहर के लोगों की शिकायत है कि पहले केवल पैकिंग युक्त कुकिंग ऑयल का अभाव महसूस किया जा रहा था जबकि अब बोतलबंद तेल भी नहीं मिल रहा है।
एक से पांच किलो तक की पैकिंग तो स्टॉक में उपलब्ध ही नहीं है। अन्य श्रेणी के खाद्य तेल का दाम वहां काफी ऊंचा है।
एक सुपर मार्केट के मालिक ने कहा कि मलेशिया में सितम्बर 2024 में क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का भाव 4000 रिंगिट प्रति टन चल रहा था जो अब उछलकर 4300/4500 रिंगिट प्रति टन पर पहुंच गया है।
इसके बावजूद इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल बनी हुई है। यह पहला अवसर है जब इस तरह की समस्या उत्पन्न हुई है। ऑयल सप्लायर्स के पास भी तेल का स्टॉक नहीं है।
जनवरी-फरवरी 2025 में आर्डर के केवल 25 प्रतिशत भाग का तेल प्राप्त हुआ। कहने का मतलब यह है कि यदि 100 टन की आपूर्ति का आर्डर दिया जाता था तो केवल 25 टन तेल की ही प्राप्ति हो रही थी।
अब रमजान की मांग बढ़ने से संकट और भी गंभीर हो गया है। उधर सरकारी अधिकारी का कहना है कि बोतल बंद पाम तेल के अभाव की कोई औपचारिक शिकायत अभी तक नहीं मिली है।
