मानसून की वर्षा कम होने से दलहन-तिलहन का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका
29-May-2026 05:59 PM
नई दिल्ली। मौसम विभाग ने इस वर्ष मानसून सीजन (जून-सितम्बर) के दौरान देश में दीर्घ कालीन औसत के मुकाबले 90 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना व्यक्त की है जिससे खरीफ कालीन दलहन-तिलहन फसलों का उत्पादन प्रभावित होने तथा महंगाई का ग्राफ बढ़कर 5 प्रतिशत से ऊपर पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है।
इसमें खासकर तुवर एवं सोयाबीन शामिल है। वैसे वर्षा की कमी एवं सूखे की स्थिति से उड़द, मूंग, मूंगफली एवं सूरजमुखी आदि के उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार कमजोर मानसून के कारण खरीफ फसलों की बिजाई में बाधा पड़ सकती है। उपज दर में कमी आ सकती है और पैदावार घट सकती है। इसके फलस्वरूप प्रमुख खाद्य जिंसों और खासकर दलहन-तिलहन के दाम में इजाफा हो सकता है जो खाद्य महंगाई को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कारक साबित हो सकता है।
कुल बारिश की तुलना में इसकी समयावधि तथा वितरण व्यवस्था ज्यादा मायने रखती है। अत्यन्त महत्वपूर्ण एवं आवश्यक समय पर यदि अच्छी बारिश हो जाए तो उत्पादन पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
मगर कहीं मूसलाधार वर्षा होने तथा कहीं सूखे का गंभीर संकट रहने से फसलों की प्रगति, उपज दर एवं कुल पैदावार में गिरावट आ सकती है।
