News Capsule/न्यूज कैप्सूल: 2026 में मानसून की प्रगति पिछले वर्ष की तुलना में धीमी, खरीफ फसलों पर बढ़ी चिंता
23-Jun-2026 09:27 AM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: 2026 में मानसून की प्रगति पिछले वर्ष की तुलना में धीमी, खरीफ फसलों पर बढ़ी चिंता
★ 22 जून 2025 और 22 जून 2026 तक दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति की तुलना से पता चलता है कि इस वर्ष मानसून उत्तर-पश्चिम भारत में पिछले वर्ष की तुलना में पीछे चल रहा है। हालांकि दक्षिण भारत, महाराष्ट्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों में मानसून पहुंच चुका है, लेकिन राजस्थान, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसकी प्रगति अपेक्षाकृत धीमी दिखाई दे रही है।
★ 22 जून 2025 तक मानसून मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंच गया था और राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई थी। इसके मुकाबले 2026 में मानसून की उत्तरी सीमा अभी पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य राजस्थान के आसपास दिखाई देती है।
★ मानसून की धीमी प्रगति का असर खरीफ फसलों की बुवाई और उत्पादकता पर पड़ सकता है। शुरुआती बारिश के आधार पर बोई गई कपास, हल्दी, मूंगफली और गन्ने जैसी फसलों में मिट्टी की नमी घटने का खतरा है, जिससे कमजोर अंकुरण और कुछ क्षेत्रों में पुनः बुवाई की आवश्यकता पड़ सकती है।
★ वहीं धान, तुअर, मूंग, उड़द और सोयाबीन जैसी प्रमुख खरीफ फसलों की बुवाई भी प्रभावित हो सकती है। यदि आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति तेज नहीं होती और वर्षा का वितरण असमान रहता है, तो खरीफ 2026-27 की फसल उत्पादकता पर दबाव देखने को मिल सकता है।
★ संक्षेप में, 22 जून 2026 तक मानसून की प्रगति 2025 की तुलना में उत्तर-पश्चिम भारत में पीछे है, जिससे खरीफ बुवाई और फसल विकास को लेकर चिंता बढ़ गई है।
