वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में शीतकालीन फसलों का रकबा कुछ बढ़ने का अनुमान
16-Apr-2025 05:15 PM
होबार्ड। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया प्रान्त में इस वर्ष शीतकालीन फसलों का उत्पादन क्षेत्र कुछ बढ़ने की संभावना है। ग्रेन इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया (गीवा) ने प्रांतीय स्तर पर शीतकालीन फसलों का कुछ बिजाई क्षेत्र सुधरकर 88.10 लाख हेक्टेयर पर पहुंचने का अनुमान लगाया है
जो 2024-25 के सीजन में लगाए गए अनुमान 86 लाख हेक्टेयर से 2.10 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। 2025-26 सीजन के लिए गीवा की यह पहली फसल रिपोर्ट है जबकि आगे इसके आंकड़ों में कुछ बदलाव हो सकता है।
वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया प्रान्त के दक्षिणी भाग में हाल के दिनों में कई बार बारिश हो चुकी है जिससे बीज उत्पादकों को पूरे विश्वास के साथ अपनी गतिविधियां शुरू करने का अवसर मिल गया है।
पहले इस राज्य में शुष्क मौसम की वजह से किसान कुछ चिंतित थे लेकिन बारिश की वजह से वहां खेतों की मिटटी में नमी का पर्याप्त अंश मौजूद होने के कारण अब बिजाई में कठिनाई नहीं होगी।
लेकिन राज्य के उत्तरी भाग में स्थिति कुछ भिन्न है। वहां शुष्क मौसम के कारण खेतों की मिटटी में नमी का अंश घटकर 80 से०मी० तक नीचे चला गया है। राज्य के मध्यवर्ती क्षेत्र में छिटपुट बारिश होती रही है।
वहां कुछ किसान-कैनोला की खेती पर जोर देने का प्लान बना रहे हैं। कई किसान तो सूखे खेतों में ही कैनोला की बिजाई करने लगे हैं। उन्हें उम्मीद है कि अगले 10 दिनों में अच्छी वर्षा होगी और तब बीज में अंकुरण की समस्या नहीं रहेगी।
वैसे पिछले साल के मुकाबले इस बार राज्य के किसान विभिन्न फसलों की खेती में ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं। गत वर्ष भी वहां काफी कठिन स्थिति बनी हुई है और उसका अनुभव किसानों के लिए अच्छा नहीं रहा था।
पिछले कुछ वर्षों से देखा जा रहा है कि वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया प्रान्त के जिन इलाकों में मार्च- अप्रैल के दौरान अच्छी बारिश होती है वहां किसान कैनोला की अगैती बिजाई शुरू कर देते हैं और कहीं-कहीं सूखी मिटटी में भी इसकी बिजाई से संकोच नहीं करते हैं।
इस बार राज्य के कुछ इलाकों में मिटटी काफी गर्म एवं शुष्क देखी जा रही है इसलिए किसान ज्यादा जोखिम उठाने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया प्रान्त में कैनोला के अलावा गेहूं तथा जौ का उत्पादन भी बड़े पैमाने पर होता है।
